उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से बचने के लिए पीड़िता से मंदिर में विवाह कर लिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र की एक युवती और लखनऊ में तैनात सिपाही अनुराग के बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे। दोनों ने एक साथ रहने का निर्णय लिया था। जब युवती ने शादी की इच्छा जताई, तो सिपाही ने मना कर दिया, जिससे नाराज होकर युवती ने 2023 में मैनपुरी कोतवाली में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया।
सिपाही अनुराग ने लगातार युवती पर मामला वापस लेने का दबाव डाला। एक दिन वह युवती के घर पहुंचा और धमकी देने लगा। इस पर युवती ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुला लिया।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और सिपाही ने शादी करने का निर्णय लिया। उन्हें शीतला देवी मंदिर ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रों के बीच उनकी शादी संपन्न हुई। इस दौरान दोनों के परिवार मौजूद नहीं थे।
इस अनोखी शादी ने स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बना दिया है। कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग मानते हैं, जबकि अन्य इसे विवादों के समाधान का एक तरीका समझते हैं।
लोगों का मानना है कि इस तरह के समझौते कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं और पीड़ितों के अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं। यह घटना न्याय प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।
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