निवाली/बडवानी, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के निवाली नगर की एक शख्सियत पिछले 9 सालों से क्षेत्र में गौसेवा से नाम कमा रहे हैं । मैं बात कर रहा हूं शासकीय महाविद्यालय निवाली के 65 वर्षीय प्राचार्य डा अभय जैन की जो देवास जिले के खातेगांव में ही गौ सेवा का बीड़ा उठाकर मित्रों व सहयोगियों का साथ लेकर पिछले 9 साल से गली-गली घूम कर गौमाता को रोटी खिला रहे हैं।
सेवा का उनका यह कार्य शाम 6 बजे से शुरू होता है जो 9 बजे तक चलता रहता है। बाइक पर अपना एक साथी बैठ कर झोले में 10-12 किलो आटे की रोटियां रखकर निकलता है और जहां गौ माता नंदी महाराज दिखे वहीं रोक कर उनको रोटी खिलाने लग जाते हैं।
उनमें सेवा का यह जज्बा ऐसे जग इस पर वह बताते हैं। 4 सितंबर 2016 में गणेश चतुर्थी पर वह कहीं मित्रों के साथ घूमने जा रहे थे तब किसी वाहन ने गौ माता को टक्कर मार दी उसके बाद से उनमें गाय के प्रति दया जागी और साथियों के साथ गौ माता को एक सड़क से हटाकर अपने मित्र अपने पशु चिकित्सा मित्र डॉक्टर को बुलाकर उसका इलाज के लिए तैयार किया लगभग दो माह की स्थिति के बाद गए तो ठीक हो गई, परंतु उनमें मुख्य प्राणी गौ माता के प्रति सेवा का ऐसा जज्बा जागा कि खातेगांव शहर में जितने भी चौराहा गलियों पर माता नंदी महाराज दिखाई देते उनके लिए अपने घर से रोटी ले जाकर उन्हें खिलाने बाईक लेकर निकल पडते है।गौसेवा के लिये रायपुर छत्तीसगढ़ में संस्थाऐ पुरस्कृत व सम्मानित भी हो चुके हैं।
65 वर्षीय डा अभय जैन ने बताया कि गौसेवा नंदी सेवा के लिये पांच सौ रूपये प्रतिमाह के पचास सदस्य है। कुछ स्थानीय लोग है तो कुछ मुंबई दिल्ली भोपाल जैसे शहरों से भी कुछ लोग है। दस बारह किलों आटे की रोटी कौन बनाता है पर बताया कि खातेगांव शहर में कुछ गरीब परिवारों की महिलाओं को तीस रूपये प्रति किलो रोटी बनवाई का सहयोग राशि दी जाती है ऐसी पांच छ परीवार है जिनको दुकान से महीलाऐ स्वयं आटा ले जाती है और रोटी बनाकर जैन साहब के घर के आगे के कमरे में दरवाजा खोल कर रोटी की थैली रखकर चले जाते हैं। अभय जैन आजकल खातेगांव से ढाई सौ किलोमीटर दुर बडवानी जिले के निवाली के शासकीय महाविद्यालय में प्राचार्य है।
जैन साहब की अनुपस्थिति में साथी समाज सेवक पवन वर्माजी और उनके 70 वर्षीय पिताजी गायो व नंदी महाराज को रोटी खिलाने कि जिम्मेदारी संभालते है । प्राचार्य डॉ अभय जैन इस सेवा के अलावा खातेगांव शहर में अकेले के दम प्रतिष्ठा पर शहर से चंदा सहयोग से वर्षो पूर्व 35 लाख का गणेश मंदीर भी बनवा दिया है वही शहर में खेडापति, बालाजी, हनुमान मंदीर निर्माण व अन्य कोई भी भी धार्मिक समाजिक गतिविधि हो आपकी अग्रणी भूमिका रहतीं है। यहां तक कि खातेगांव के अनंतचर्तुदशी के चल समारोह कि नेतृत्व वर्षों से कर रहे हैं
प्राचार्य डॉ अभय जैन चर्चा में कहते हैं कि निवाली क्षेत्र में भी गौसेवा का भाव जागृत हो आप का कहना है कि खातेगांव हो निवाली हो बडवानी इंदौर हो छोटे गाँव हो या शहर सभी जगह गौमाता कुडोकरकट के ढेर कचरा या प्लास्टिक पन्नी खाते हुवे दिख जायेगी ऐसी स्थिति को रोकने के लिये गौ सेवा का बीड़ा समाजसेवी लोगों को उठाना चाहीये
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हिन्दुस्थान समाचार सोनी
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(Udaipur Kiran) / राजू विश्वकर्मा